Menu

झारखण्ड में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडु 10 अगस्त को झारखण्ड राज्य के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ रांची स्थित हरमू मैदान से करेंगे। इस योजना के जरिये झारखण्ड राज्य के किसानों को सरकार की बड़ी सौगात देने की योजना है. वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में शुरु होने वाली मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत राज्य के किसानों को हर वर्ष खरीफ की फसल के लिए 5000 रुपए प्रति एकड़ राशि देगी। वहीं, जिनकी जमीन एक एकड़ से कम हैं, उन्हें भी न्यूनतम 5 हजार रुपए की राशि प्रतिवर्ष दी जाएगी। यह राशि उन्हें सीधे चेक/डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना से राज्य के 22.76 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को फायदा होगा। इस योजना पर राज्य सरकार लगभग 3  हजार  करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी।

केंद्र सरकार के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने में यह योजना काफी सहायक साबित होगी। किसानों को बीज, खाद व अन्य कृषि निवेश के लिए दूसरों पर या बैंक पर निर्भर नहीं रहना होगा। उन्हें खेती के लिए किसी से कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यह पूर्णतया कृषक कल्याण की योजना होगी। सीधे किसानों के खाते में राशि जाने से कृषक अपनी मर्जी से फसल के लिए बीज, खाद आदि बाजार से खरीद सकेंगे। इससे कृषि उत्पादकता में बढ़ोत्तरी होगी। इस योजना के तहत खरीफ अंतर्गत धान की फसल के लिए 45 लाख एकड़ जमीन पर इसका लाभ कृषकों को दिया जायेगा। किसानों की खुशहाली के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसके तहत् वर्तमान में राज्य में 14.85 लाख किसानों की फसल बीमा के लिए प्रीमियम (66 करोड़ रूपये सालाना) भी राज्य सरकार द्वारा भरा जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिन किसानों के पास कुल कृषि भूमि 0-1 एकड़ तक होगी, उन्हें 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के रूप में समान दर दिए जाएंगे और जिनके पास 1-5 एकड़ तक कृषि भूमि होगी, उन्हें जमीन के समानुपातिक क्षेत्र के अनुसार 5 हजार प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 25 हजार रुपए दो बराबर किस्तों में दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की विशेषताएं
  •  इस योजना का मुख्य उद्देश्य झारखण्ड राज्य में कृषि के उत्पादन को बढ़ाना। जिससे कृषि में होने वाली परेशानियों को दूर किया जा सके और संकट में डूबे किसानों की मदद हो सके।
  • इसके साथ ही राज्य सरकार किसानों की आर्थिक मदद भी करेगी। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक किसान को प्रति एकड़ 5000  रुपये दिए जायेंगें। जिससे खरीफ की खेती में मदद हो सके।
  • जिन किसानों के पास 1 एकड़ से कम जमीन है,  उन्हें भी इस योजना के तहत वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशी सभी पात्र किसानों के बैंक में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (DBT) के द्वारा दी जाएगी।
  • मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना एक तरह की निवेश सहायता योजना है, जिसके अंतर्गत राज्य के लगभग 23 लाख पात्र किसानों की मदद की जाएगी।
  • इस कृषि योजना के लिए राज्य सरकार ने 2250  करोड़ का बजट पास किया है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2019-20 को आधिकारिक रूप से लागु होगी। जिससे सभी पात्र किसानों को लाभ मिलेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत झारखण्ड राज्य के लगभग 45 लाख एकड़ कृषि भूमि  को कवर किया जायेगा।
  • इसके साथ ही किसानों को बीज, खाद खरीदने या कृषि से जुड़े किसी भी निवेश के लिए किसी बैंक से लोन लेने पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।
  • इस निवेश सहायता योजना के द्वारा झारखण्ड सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी। जिससे वे ऋण लेकर किसी पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद आत्मनिर्भर बने।
  • राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसके लिए सरकार किसानों को जीरो ब्याज दर पर कर्ज दे रही है, ताकि वे आसानी से ऋण का बोझ उठा सकें और समय पर इसे भर सकें।
मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के लिए पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज (Investment Support Scheme Eligibility & Reuired Documents)

 

Mukhyamantri Krishi Aashirwad Yojana के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक के पास निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए।

  • यह योजना सिर्फ झारखण्ड में रहने वाले किसानों के लिए ही है। दूसरे राज्य के किसान इसका लाभ नहीं उठा सकते।  
  • किसानों को आवेदन फॉर्म के साथ मूल निवासी पत्र (Domicile Certificate) की प्रति भी जमा करवानी होगी।
  • इस योजना का लाभ राज्य के केवल छोटे और सीमांत किसानों को ही मिलेगा।
  • झारखण्ड सरकार ने इस योजना के अंतर्गत उन किसानों को भी शामिल करेगी, जिनके पास 5 एकड़ या उनसे कम भूमि है। इसके लिए किसानों को अपनी भूमि के कागजात की कॉपी जमा करनी होगी।
  • इसके साथ ही पात्र किसानों के पास अपने आधार कार्ड से लिंक बैंक अकाउंट की पासबुक भी होनी चाहिए। राज्य सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (DBT) के द्वारा ही किसानों को लाभ देगी।

Go Back

Comment

.

Loading...

--------------------------- विज्ञापन ---------------------------